- श्री जतिंदर सिंह (शंटी जी) ने अमृतसर कोर ग्रुप की समीक्षा बैठक में कार्यों की सराहना की
- पिछले तीन महीनों के कार्यों का लिया जायजा
- जल्द जिले में चलेगा व्यापक मानवाधिकार जागरूकता अभियान
- जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय पर दिया बल
अमृतसर। पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग (PSHRC) के माननीय सदस्य श्री जतिंदर सिंह (शंटी जी) ने शनिवार को अमृतसर दौरे के दौरान आयोजित अमृतसर कोर ग्रुप की आधिकारिक समीक्षा बैठक में पिछले तीन महीनों के दौरान मानवाधिकार संरक्षण एवं जन-जागरूकता के क्षेत्र में किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की प्रभावी सुरक्षा के लिए जन-जागरूकता, प्रशासनिक सहयोग तथा समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। बैठक का आयोजन श्री राम सिंह एवं टीम के संयोजन में किया गया। इस अवसर पर गुरु नानक अस्पताल, अमृतसर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राकेश शर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ कोर ग्रुप सदस्य निधि सिंधवानी एवं श्वेता मेहरा द्वारा पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग सदस्य माननीय श्री जतिंदर सिंह (शंटी जी) के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुआ। इसके उपरांत आयोजित आधिकारिक समीक्षा बैठक में माननीय सदस्य ने अमृतसर कोर ग्रुप के प्रत्येक सदस्य से व्यक्तिगत रूप से उनके विभागवार कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पिछले तीन महीनों के दौरान किए गए कार्यों, प्राप्त उपलब्धियों, सामने आई चुनौतियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। प्रत्येक सदस्य ने अपने-अपने विभागों में किए गए कार्यों, मानवाधिकार जागरूकता गतिविधियों, संबंधित सरकारी विभागों के साथ समन्वय तथा भविष्य की योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। समीक्षा के उपरांत श्री जतिंदर सिंह (शंटी जी) ने प्रत्येक विभाग के कार्यों पर आवश्यक मार्गदर्शन एवं सुझाव दिए तथा मानवाधिकार संरक्षण से जुड़े कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने पर बल दिया।
विशेष अतिथि डॉ. राकेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मानव सेवा और मानवाधिकारों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कोर ग्रुप के सदस्यों से समाज के वंचित, जरूरतमंद एवं संवेदनशील वर्गों की सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करते रहने का आह्वान किया तथा आयोग की इस पहल की सराहना की।
अपने संबोधन में श्री जतिंदर सिंह (शंटी जी) ने कहा कि पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि लोगों में उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, विभिन्न सरकारी विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा आम नागरिकों और आयोग के बीच प्रभावी संवाद को मजबूत बनाना भी है। उन्होंने सभी सदस्यों से आयोग की गरिमा एवं निष्पक्षता को बनाए रखते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा शीघ्र ही अमृतसर जिले में व्यापक मानवाधिकार जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों तथा सामाजिक संगठनों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही समय-समय पर विभिन्न संस्थानों एवं विभागों का निरीक्षण कर मानवाधिकार संबंधी व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया जाएगा।
बैठक के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ (यू.टी.) मानवाधिकार आयोग द्वारा अमृतसर कोर ग्रुप के गठन के उपरांत जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को पत्र जारी कर कोर ग्रुप के सदस्यों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। आयोग का उद्देश्य मानवाधिकारों के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देना, विभिन्न सरकारी विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा आम नागरिकों और आयोग के बीच प्रभावी संवाद को सशक्त बनाना है। आयोग के निर्देशानुसार कोर ग्रुप के सदस्य सलाहकार एवं सहयोगात्मक भूमिका में कार्य करते हुए मानवाधिकार संरक्षण संबंधी गतिविधियों में अपना योगदान देंगे।
बैठक में उपस्थित सदस्य
बैठक में राम सिंह, निधि सिंधवानी, श्वेता मेहरा, आत्मजीत कौर, अमनदीप सिंह, विक्रम मैनी, गगनदीप सिंह पाहवा, विकास अरोड़ा, इंदु वर्मा, प्रीति सिंह, सचिन भाटिया, राजिंदर कुमार, ज्योति रानी, जतिंदर कौर तथा मनजीत सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. राकेश शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सक, गुरु नानक अस्पताल, विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।



